ओम्बड्समैन जेसुस क्रिसपिन रेमुल्ला ने उन अदालती फैसलों पर चिंता व्यक्त की है जिनमें दोषसिद्ध व्यक्तियों को जमानत दी गई है, जबकि उनकी अपीलें विचाराधीन हैं। उनका कहना है कि दोषी सरकारी अधिकारियों को अपनी सजा तुरंत भुगतनी शुरू कर देनी चाहिए। रेमुल्ला का मानना है कि अपील पर जमानत मिलने से न्याय व्यवस्था कमजोर होती है और जनता का विश्वास कम होता है। उन्होंने इस नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कानून का शासन बना रहे। यह मामला उन अधिकारियों से जुड़ा है जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराया गया है, लेकिन जमानत पर रिहा कर दिया गया है। ओम्बड्समैन ने कहा कि ऐसे मामलों में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। उनका मानना है कि सजा का निष्पादन अपील प्रक्रिया को बाधित नहीं करता है।