नाइजीरियाई गृहयुद्ध के दौरान, ओजुक्वु ने गोवन को राज्य का प्रमुख मानने से इनकार कर दिया था। उनका तर्क था कि जनरल अगुई-इरोन्सी की अनुपस्थिति में, ब्रिगेडियर बाबाफेमी ओगुन्दिपे ही अगले कमान में थे, गोवन नहीं। ओजुक्वु का मानना था कि गोवन को संवैधानिक रूप से राज्य का प्रमुख नहीं बनाया जा सकता था। यह विवाद गृहयुद्ध के प्रमुख कारणों में से एक था, जिसने नाइजीरिया को विभाजित कर दिया। इस घटनाक्रम ने देश में राजनीतिक अस्थिरता और जातीय तनाव को और बढ़ा दिया। ओजुक्वु के इस फैसले ने गृहयुद्ध की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह जानकारी अबुबकर द्वारा साझा की गई है, जो उस समय की घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी थे।