तेल की कीमतें बुधवार को छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिसका मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष, तथा यमन में हौथी विद्रोहियों द्वारा जहाजों को दी गई धमकियों ने आपूर्ति संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल में 3% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जो जून महीने के बाद सबसे ज़्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष से तेल परिवहन मार्गों पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है। इस स्थिति के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियां तेल की कीमतों को और ऊपर धकेल सकती हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।