वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन विशेषज्ञ आने वाले समय में फिर से अस्थिरता की चेतावनी दे रहे हैं। यूक्रेन युद्ध से पहले की तुलना में 91 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत अभी भी 20 प्रतिशत और डीजल की कीमत 30 प्रतिशत अधिक है। बाजार में आपूर्ति और मांग की स्थिति के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक कारकों का तेल बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि तेल उत्पादक देशों की नीतियों और वैश्विक आर्थिक विकास दर का भी कीमतों पर असर होगा। उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में कीमतों में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। फिलहाल, कीमतों में आई यह गिरावट अल्पकालिक राहत प्रदान कर सकती है।
