ओहायो में, एंड्रिया माउक ने आरोप लगाया है कि उनके 18 वर्षीय बेटे, डेमन के निधन के बाद उसकी आँखें, त्वचा, हृदय वाल्व और अन्य ऊतक बिना उनकी सहमति के "एनाटॉमिकल उपहार" के रूप में निकाले गए थे। डेमन की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, और माउक उस समय कोस्टा रिका में थीं। उनका कहना है कि अस्पताल ने उन्हें डेमन की मृत्यु के बारे में सूचित नहीं किया था और न ही उनसे किसी भी प्रकार की अनुमति ली गई थी। इस घटना के बाद, माउक ने परिवार की सहमति और सूचना संबंधी कानूनों को मजबूत करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। वह चाहती हैं कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों और किसी भी अंग दान के लिए परिवार की स्पष्ट सहमति अनिवार्य हो। माउक का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के शरीर के अंगों के उपयोग के बारे में जानने का अधिकार था। इस मामले ने चिकित्सीय नैतिकता और रोगी अधिकारों के बारे में महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।