जर्मनी के हेसेन राज्य के डाउरनहाइम में, जुलाई 1932 के रीचस्टैग चुनावों में NSDAP को 91 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे। एक शौकिया इतिहासकार, माइकल स्ट्रेकर, यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा कैसे हो सका। डाउरनहाइम में एनएसडीएपी को इतनी बड़ी सफलता क्यों मिली, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। स्ट्रेकर का शोध इस बात पर केंद्रित है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी ने कैसे जड़ें जमाईं। उनका उद्देश्य यह समझना है कि हिटलर का प्रभाव डाउरनहाइम जैसे छोटे शहरों तक कैसे पहुंचा। यह अध्ययन जर्मनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवधि पर प्रकाश डालता है और राजनीतिक विचारधाराओं के प्रसार के तरीकों की जांच करता है। यह जर्मनी में नाज़ीवाद के उदय की जटिलताओं को समझने में मदद करता है।

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