एक विश्लेषण के अनुसार, यदि विश्व कप देशों के आर्थिक प्रदर्शन पर आधारित होता, तो इस वर्ष नॉर्वे विजेता होता। इस विश्लेषण में विभिन्न देशों के व्यापक आर्थिक कारकों को ध्यान में रखा गया। यह एक काल्पनिक परिदृश्य है, जिसमें फुटबॉल के बजाय आर्थिक नीतियों और परिणामों को महत्व दिया गया है। विश्लेषकों ने देशों की आर्थिक स्थिरता, विकास दर और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों का मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन के आधार पर, नॉर्वे को सबसे मजबूत आर्थिक प्रदर्शन करने वाला देश पाया गया। यह अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि आर्थिक सफलता किसी देश की समग्र ताकत का एक महत्वपूर्ण पहलू है, भले ही वह खेल के क्षेत्र में न हो। यह एक अनूठा दृष्टिकोण है जो खेल और अर्थशास्त्र के बीच संबंध को दर्शाता है।