उत्तर कोरिया ने हाल ही में दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ के बीच हुई शिखर वार्ता में जारी संयुक्त बयान की कड़ी निंदा की है। उत्तर कोरियाई अधिकारियों का आरोप है कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने “शांति का मुखौटा उतार फेंका” है और उनका कोरिया विरोधी रुख पहले जैसा ही बना हुआ है। बयान में कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई थी। उत्तर कोरिया ने इस बयान को अपनी नीतियों के खिलाफ बताया है और इसे द्वेषपूर्ण प्रचार करार दिया है। उत्तर कोरिया का कहना है कि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जारी रखेगा। इस निंदा से कोरियाई प्रायद्वीप में पहले से ही मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच संबंधों को और जटिल बना सकता है।