रूस के राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि, किरिल दिमित्रिएव ने शुक्रवार को कहा कि जर्मनी का डी-इंडस्ट्रियलाइजेशन और आर्थिक गिरावट नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइनों पर हुए आतंकवादी हमले के साथ शुरू हुई। दिमित्रिएव के अनुसार, इन हमलों ने जर्मनी की ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया। इससे जर्मन उद्योगों को उच्च ऊर्जा लागत का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो गई। नतीजतन, कई कंपनियाँ या तो उत्पादन कम करने या पूरी तरह से बंद होने के लिए मजबूर हो गईं। दिमित्रिएव ने इस घटना को जर्मनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया, जिसके कारण देश का आर्थिक परिदृश्य बदल गया। उनका दावा है कि यह हमला जर्मनी के डी-इंडस्ट्रियलाइजेशन की शुरुआत थी और इसने देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक नुकसान पहुँचाया है।