नाइजीरिया की ब्लू इकोनॉमी की महत्वाकांक्षाएँ कमजोर समुद्री शासन, तटीय क्षरण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रही हैं। आगामी केन्या शिखर सम्मेलन से पहले, नाइजीरिया को अपनी समुद्री नीतियों और प्रबंधन में सुधार करने की आवश्यकता है। देश के समुद्री संसाधनों का उचित दोहन और संरक्षण एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। तटीय क्षेत्रों में हो रहे क्षरण से अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र भी खतरे में है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावी नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से नाइजीरिया अपनी ब्लू इकोनॉमी की क्षमता का उपयोग कर सकता है। यह शिखर सम्मेलन नाइजीरिया के लिए अपनी समुद्री रणनीति को प्रदर्शित करने और समर्थन जुटाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
