नाइजर ने एक नया दंड संहिता कानून पारित किया है, जिससे एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के खिलाफ दमन और बढ़ गया है। इस नए कानून के तहत, समान लिंग के लोगों के बीच यौन संबंध स्थापित करने पर अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है। पहले, इस तरह के संबंधों के लिए छह महीने से तीन साल तक की सजा का प्रावधान था। यह कानून नाइजर में एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों के लिए एक बड़ा झटका है और मानवाधिकार संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। सरकार का कहना है कि यह कानून देश की सामाजिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है। आलोचकों का तर्क है कि यह कानून भेदभावपूर्ण है और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। इस कदम से नाइजर में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के सदस्यों के लिए स्थिति और भी कठिन हो जाएगी।