एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने स्कूलों में बाल दुर्व्यवहार की पहचान करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति करने का सुझाव दिया है। सीपी एस एम (CPSM) के अध्यक्ष नाज़ीर अरीफ के अनुसार, ये शिक्षक बच्चों में दुर्व्यवहार के संकेतों को पहचानने में सक्षम होंगे। प्रशिक्षित शिक्षक, कमजोर छात्रों को आवश्यक सहायता सेवाओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और दुर्व्यवहार के मामलों को समय पर पहचान कर रोकना है। एनजीओ का मानना है कि स्कूलों में इस तरह की व्यवस्था से बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।