कोलंबियाई इंस्टीट्यूट के निदेशक एनिबल पेरेज-लिनान के अनुसार, नव-दक्षिणपंथी दल अपनी चुनावी जीत के वादों को पूरा करने में संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये दल अक्सर ध्रुवीकरण और विरोध पर आधारित बयानबाजी का उपयोग करते हैं, जो शासन के लिए उपयुक्त नहीं है। पेरेज-लिनान ने लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि नई दक्षिणपंथी सरकारें अक्सर संस्थाओं को कमजोर करने और नागरिक समाज पर दबाव डालने की कोशिश करती हैं। यह साक्षात्कार 'ला सिल्ला वाकिया' में प्रकाशित हुआ है, जो कोलंबियाई राजनीति पर एक प्रमुख विश्लेषणात्मक वेबसाइट है। विशेषज्ञ का मानना है कि इन दलों को शासन करने के लिए अधिक समावेशी और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। यह स्थिति कोलंबिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।