यूरोपीय संघ के सभी देशों को गैस भंडारण के लिए कुछ स्तर तक भराव सुनिश्चित करना आवश्यक है। नीदरलैंड्स इस जनादेश से असंतुष्ट हैं और इसे समाप्त करने की वकालत कर रहे हैं, जिसकी अनुमानित लागत १.१४ बिलियन डॉलर है। जर्मनी में भी इस जनादेश को लेकर कुछ चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। नीदरलैंड्स का मानना है कि यह जनादेश अनावश्यक है और इससे उनकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच बहस छिड़ी हुई है। जर्मनी की समस्याएँ भी संकेत देती हैं कि गैस भंडारण जनादेश के कार्यान्वयन में कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यह मामला यूरोपीय ऊर्जा नीति के लिए महत्वपूर्ण है।