सुदूरपश्चिम प्रांत में पाँच साल पहले शुरू की गई बारह कोल्ड स्टोरेज परियोजनाओं में से अधिकांश अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना था, लेकिन खराब योजना, ठेकेदारों की देरी और बिजली की कमी के कारण ये परियोजनाएँ बेकार पड़ी हैं। इन परियोजनाओं पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकांश अभी तक उपयोग के लिए तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदारों के साथ अनुबंध रद्द करने और नई बोलियाँ आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने में और कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजनाओं की धीमी गति से प्रगति से क्षेत्र के कृषि विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।