नेपाल फिर से वैश्विक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सूचकांक में शामिल हो गया है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, रिपोर्ट में देश में डिजिटल बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और उसके प्रभावी उपयोग के बीच एक बड़ी खाई को उजागर किया गया है। इसका मतलब है कि बुनियादी ढांचा तो विकसित हो रहा है, लेकिन लोग उसका उतना उपयोग नहीं कर पा रहे हैं जितने की उम्मीद थी। यह डिजिटल विभाजन एक गंभीर चिंता का विषय है। रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि डिजिटल साक्षरता और पहुंच में सुधार करना आवश्यक है। सरकार और संबंधित हितधारकों को इस अंतर को पाटने के लिए मिलकर काम करना होगा ताकि सभी लोग डिजिटल क्रांति का लाभ उठा सकें। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ लोगों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।