नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने COP31 से पहले ‘सगरमाथा से समुद्र’ नामक एक नए गठबंधन का प्रस्ताव रखा है। यह गठबंधन पर्वत और द्वीप राष्ट्रों को एक साथ लाने का प्रयास है ताकि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाई जा सके। खनाल ने जलवायु वित्तपोषण में वृद्धि और हानि एवं क्षति निधि (Loss and Damage Fund) को पूरी तरह से चालू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि पर्वतीय क्षेत्र और छोटे द्वीप विकासशील राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए इन देशों को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। यह पहल जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक कार्रवाई को तेज करने और कमजोर देशों की सहायता करने के उद्देश्य से है। नेपाल इस गठबंधन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत करना चाहता है। यह प्रस्ताव जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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