रौतहट जिले में पुलिस पर गिरफ्तारी के झूठे आँकड़े पेश करने का आरोप लगा है। खबरों के अनुसार, पुलिस अदालत के जुर्माने की रकम मौके पर ही वसूल कर रही थी और फिर इसे गिरफ्तारियों के रूप में रिपोर्ट कर रही थी। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम पुलिस के प्रदर्शन के आँकड़ों को बेहतर दिखाने के लिए उठाया गया था। अदालत के अधिकारी और कानूनी विशेषज्ञों ने इस अभ्यास पर सवाल उठाए हैं, इसे गलत और भ्रामक बताया है। इस मामले से पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। यह घटना पुलिस बल में आंकड़ों के हेरफेर और संभावित कदाचार की चिंता पैदा करती है।