नेपाल के चंद्रागिरी के एक 48 वर्षीय व्यक्ति की रेबीज़ से मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि व्यक्ति को कुत्ते के काटने के बाद समय पर रेबीज़-रोधी टीका उपलब्ध नहीं हो पाया। स्थानीय स्तर पर टीकों की कमी के कारण वह लक्षण दिखने के बाद ही सुक्रराज अस्पताल पहुँच पाया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना टीका की उपलब्धता और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व पर प्रकाश डालती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और टीका आपूर्ति में सुधार करने की बात कही है। यह मामला रेबीज़ के खतरे और निवारक उपायों की आवश्यकता को भी दर्शाता है।