झपा जिले में वन्यजीवों के हमलों से लगातार फसलें बर्बाद होने के कारण किसान धान और मक्का की खेती छोड़कर रबर की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। हाथियों और बंदरों के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिए यह एक नया विकल्प साबित हो रहा है। रबर की खेती से किसानों को उम्मीद है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित रख पाएंगे और बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे। पारंपरिक फसलों की तुलना में रबर की खेती अधिक लाभदायक मानी जा रही है। स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, रबर की खेती के लिए विशेष ज्ञान और निवेश की आवश्यकता होती है, जिसके लिए किसानों को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जा रही है। यह पहल वन्यजीवों और किसानों के बीच संघर्ष को कम करने में मदद कर सकती है।