नेपाल ने पहले विदेशी सहायता लेने से इनकार किया था, लेकिन अब बाढ़ बचाव कार्यों के लिए भारत और चीन की टीमों को आने की अनुमति दे दी है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नेपाल में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे व्यापक विनाश हुआ है। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। भारत और चीन दोनों ने तुरंत सहायता की पेशकश की थी, जिसे पहले नेपाल ने अस्वीकार कर दिया था। अब, दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेंगी। यह कदम नेपाल में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।