नासा एक प्रायोगिक विमान के माध्यम से सुपरसोनिक यात्रा को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। इस विमान का परीक्षण यह देखने के लिए किया जा रहा है कि क्या यह ध्वनि की गति से तेज़ उड़ान भर सकता है, लेकिन ध्वनि विस्फोट (सोनिक बूम) उत्पन्न किए बिना। ध्वनि विस्फोट सुपरसोनिक उड़ानों के एक प्रमुख अवरोध के रूप में देखा जाता है, जिसके कारण कई वर्षों से वाणिज्यिक सुपरसोनिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। नासा का लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो ध्वनि की गति से तेज़ उड़ान भरने पर भी ध्वनि विस्फोट को कम या समाप्त कर सके। इस परीक्षण से भविष्य में शांत और कुशल सुपरसोनिक हवाई यात्रा का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो यह हवाई यात्रा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह तकनीक यात्रियों को दुनिया भर में तेज़ी से यात्रा करने की अनुमति दे सकती है।