दो फरवरी को प्रत्यारोपण केंद्र ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन नेपोल्स के अस्पताल ने हस्तक्षेप करने में असमर्थता जताई। इसके बाद, सूची में फिर से शामिल करने का अनुरोध किया गया। डोमेनिको नामक एक व्यक्ति का हृदय एक बच्चे को प्रत्यारोपित करने के लिए उपयुक्त था, लेकिन अस्पताल ने उसे प्रत्यारोपण के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची से हटा दिया। इस निर्णय से बच्चे की जान बचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर चूक गया। अस्पताल के इस कदम पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि हृदय उपलब्ध होने के बावजूद प्रत्यारोपण नहीं किया जा सका। मामले की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सूची से नाम हटाने का क्या कारण था और क्या प्रक्रिया का पालन किया गया था। यह घटना हृदय प्रत्यारोपण प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।