म्यांमार के सैन्य शासक मि. आंग ह्लाइंग ने आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) द्वारा प्रस्तावित शांति योजना को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने यह बात देश की सैन्य-समर्थित संसद को संबोधित करते हुए कही, जो उनके राष्ट्रपति पद के पहले 100 दिनों का प्रतीक था। आसियान ने म्यांमार में हिंसा को कम करने और राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए एक सहमति बनाई थी, लेकिन मि. आंग ह्लाइंग ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। उनके इस फैसले से म्यांमार में चल रहे संकट को हल करने की अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को झटका लगा है। उन्होंने इस संबोधन में अपनी सरकार की प्राथमिकताओं पर भी ज़ोर दिया, जिसमें देश में स्थिरता बनाए रखना और 'राष्ट्रीय नस्ल' की रक्षा करना शामिल है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों को दबाने का प्रयास है। इस अस्वीकृति से आसियान और म्यांमार के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।