दक्षिणपंथी विचारधारा वाले लोगों के एक समूह ने एक अश्वेत महिला को प्राचीन यूनानी सौंदर्य प्रतीक हेलेना की भूमिका में देखने पर आक्रोश व्यक्त किया है, जिसमें एलन मस्क सबसे आगे हैं। उनका तर्क है कि प्राचीन यूनान सफेद था। लेखिका, इडा ओस्टेनबर्ग, का कहना है कि 'शुद्ध सफेद' प्राचीन यूनान की अवधारणा एक मिथक है जिसका उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह विवाद रंगभेद और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों को उजागर करता है। ओस्टेनबर्ग का तर्क है कि प्राचीन यूनान की छवि को अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए विकृत किया जाता है। यह घटना दर्शाती है कि कला और संस्कृति में विविधता को लेकर आज भी बहस जारी है। इस मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं, जो समाज में गहरी जड़ें जमाए पूर्वाग्रहों को दर्शाते हैं।
