संगीतकार मिटचेल ओलिवर की हाल ही में प्रकाशित सत्ता पुस्तिका पर कड़ी आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि पुस्तिका में फ़ासीवादी विचारधारा के पुराने और अप्रचलित विचारों का उपयोग किया गया है। लेखक किम इंगमैन का तर्क है कि ओलिवर ने इतिहास के कचरे के ढेर से ये विचार उठाए हैं। पुस्तिका एक आक्रामक दक्षिणपंथी शक्ति-प्रदर्शित करने वाली प्रतीत होती है। आलोचकों के अनुसार, यह पुस्तिका खतरनाक और विभाजनकारी है, और इसमें चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देने की क्षमता है। इस पुस्तिका के कारण राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है, और कई लोगों ने ओलिवर की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं। इस प्रकरण ने कला और राजनीति के बीच की सीमाओं पर भी चर्चा को जन्म दिया है।