उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि रक्षा प्रमुख जनरल मुहुuzi कैनेरुगाबा ने डॉ. किज़ा बेसिग्ये और उनके सह-अभियुक्त ओबैद लुतले के राजद्रोह के मुकदमे में हस्तक्षेप नहीं किया है। बेसिग्ये और लुतले ने 22 जून, 2026 को वरिष्ठ वकील मार्था करुआ के निर्वासन के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायाधीश साइमन पीटर किनोब ने अभियोजन पक्ष के हस्तक्षेप का कोई सबूत नहीं पाया। अदालत ने पाया कि करुआ का निर्वासन, मुकदमा प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से नहीं किया गया था। यह फैसला बेसिग्ये और लुतले के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है, क्योंकि उन्होंने मुहुuzi पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले की आगे की कार्यवाही अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। यह निर्णय युगांडा में न्यायिक स्वतंत्रता के महत्व को भी रेखांकित करता है।

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