इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम, ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसे ‘शाहरুল্লাহ’ या ‘अल्लाह का महीना’ कहा जाता है, यह प्रथा कर्बला की घटना से पहले से ही चली आ रही है। प्रश्न यह है कि बारह महीनों में केवल मुहर्रम को ही यह विशेष दर्जा क्यों प्राप्त है? विद्वानों का मानना है कि इस महीने में ही अल्लाह ने हज़रत आदम को बनाया और उन्हें क्षमा किया। मुहर्रम में हज़रत इब्राहीम (अब्राहम) को अग्नि परीक्षा से बचाया गया था। इसके अतिरिक्त, कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत भी इसी महीने में हुई थी, जो शिया मुसलमानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए, मुहर्रम को शोक और स्मरण का महीना माना जाता है, साथ ही अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।
