आगामी मुअम्मadiyah सम्मेलन के मद्देनज़र, प्रो. अब्दुल मु'ती को शिक्षा, बुनियादी और माध्यमिक मंत्री बनने के बाद मुअम्मadiyah के महासचिव पद से इस्तीफा देने की आवश्यकता पर बहस छिड़ गई थी। इस मामले में मतभेद थे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि पद छोड़ने का नियम अनिवार्य नहीं है। सरकार ने प्रो. मु'ती को मंत्री पद की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। मुअम्मadiyah के भीतर इस निर्णय पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए था, जबकि अन्य का कहना है कि वे दोनों भूमिकाओं को निभा सकते हैं। फिलहाल, प्रो. मु'ती महासचिव के पद पर बने रहेंगे और साथ ही मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। यह निर्णय मुअम्मadiyah के भीतर नेतृत्व और शासन के सिद्धांतों पर एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है।