मॉस्को की एक अदालत ने यहोवा के साक्षियों से संबंधित 123 संपत्तियाँ जब्त कर ली हैं और उन्हें रूसी राज्य को हस्तांतरित कर दिया है। यह कार्रवाई 2017 में रूसी अदालत के एक फैसले के बाद हुई, जिसमें यहोवा के साक्षियों को एक "चरमपंथी संगठन" घोषित किया गया था। इस फैसले को 2022 में यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (European Court of Human Rights) ने अवैध घोषित कर दिया था। जब्त की गई संपत्तियों में प्रार्थना स्थल, सामुदायिक केंद्र और अन्य इमारतें शामिल हैं। यहोवा के साक्षियों का कहना है कि यह कार्रवाई धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। रूसी अधिकारियों ने इस फैसले का अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इस कदम से रूस में धार्मिक अल्पसंख्यकों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।