मोरक्को ने विश्व कप में इतिहास रचते हुए एक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। टीम की शुरुआती एकादश में केवल एक खिलाड़ी, अज़ेद्दीन ऊनाही, मोरक्को में पैदा हुए थे, जिनका जन्म कैसाब्लांका में हुआ था। सब्स्टीट्यूट के रूप में उतरे पांच खिलाड़ियों में से भी केवल एक मोरक्को में जन्मा था। इस प्रकार, मोरक्को की टीम का अधिकांश हिस्सा विदेशी मूल के खिलाड़ियों से बना था। यह विश्व कप के इतिहास में किसी टीम द्वारा विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। इस प्रदर्शन ने मोरक्को के फुटबॉल में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दिया है। टीम की सफलता ने दुनियाभर में प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया है और मोरक्को के लिए गर्व का क्षण है।