मोरक्को के तंजर में प्रकाशित ‘अनुवाद और संवाद’ नामक एक नई पुस्तक सामने आई है। यह पुस्तक, प्रोफेसर मुस्तफा रियानी द्वारा लिखी गई है, और अनुवाद अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह अनुवाद को एक संवाद प्रक्रिया के रूप में देखती है, जिसमें भाषाई और सांस्कृतिक भिन्नताओं का प्रबंधन शामिल है। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों के बीच संचार को सुगम बनाना है। यह इस बात पर जोर देती है कि भाषाएँ सूक्ष्म सांस्कृतिक अर्थों से भरी होती हैं, जिनके लिए गहन शोध और प्रलेखन की आवश्यकता होती है। प्रकाशक ‘सलीकी अख़्वैन’ हैं, जो मोरक्को में एक प्रसिद्ध प्रकाशन गृह है। यह पुस्तक अनुवादकों और भाषाविदों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हो सकती है।