मोल के अनुसार, यदि ईंधन की कीमतों को संरक्षित किया जाता है, तो कुछ ही दिनों में डीजल और पेट्रोल की गंभीर कमी हो जाएगी। कंपनी का कहना है कि इस तरह के उपाय से आपूर्ति में भारी व्यवधान उत्पन्न होगा। वे इस बात पर जोर देते हैं कि हस्तक्षेप करने से बाजार अस्थिर हो जाएगा और उपभोक्ताओं को नुकसान होगा। मोल का मानना है कि बाजार को स्वतंत्र रूप से संचालित होने देना सबसे अच्छा तरीका है। यह स्थिति हंगरी में ईंधन की उपलब्धता को खतरे में डाल सकती है। मोल ने सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।