चिली में, क्विरोज़ नामक एक व्यक्ति की योजना के कारण उनके भाई के एक बड़े व्यावसायिक सौदे को मंजूरी मिल गई। यह सौदा तब भी स्वीकृत हुआ जब Sernageomin नामक खनन नियामक एजेंसी ने इसके खिलाफ प्रतिकूल रिपोर्ट जारी की थी। इस योजना का उद्देश्य "परमीसोलोजी" (permisology) से निपटना था, जिसका अर्थ है अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम करना। आलोचकों का कहना है कि इस योजना का उपयोग वास्तव में व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया था। यह मामला हितों के टकराव और भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दे रहा है। CIPER Chile ने इस मामले को उजागर किया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है। इस प्रकरण ने चिली में खनन क्षेत्र में नियामक निरीक्षण और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।