राष्ट्रपति पेट्र पावेल के साथ हुए एक सैन्य साक्षात्कार के प्रकाशन को लेकर विवाद गहरा गया है। रक्षा मंत्रालय के निरीक्षण में पाया गया कि इस प्रक्रिया में कई गलतियां हुई हैं। जांच के अनुसार, रक्षा मंत्री जारोमिर ज़ुना के कैबिनेट निदेशक और जनरल स्टाफ के संचार विभाग के प्रमुख दोनों की कार्यप्रणाली में खामियां थीं। हालांकि, निरीक्षण में इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला कि साक्षात्कार को रक्षा मंत्रालय ने जानबूझकर प्रतिबंधित किया था। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह मामला लक्षित सेंसरशिप का नहीं था। इस पूरी घटना पर अब तक जनरल स्टाफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला वर्तमान में चेक मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।