आधुनिक युग में, मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की होड़ में एक खतरनाक प्रवृत्ति देखी जा रही है। कई बार, किसी उग्रवादी व्यक्ति को लाइव प्रसारित करके उसे ‘खबर’ बता दिया जाता है। यह धारणा कि किसी विवादास्पद व्यक्ति को मंच देने से निष्पक्ष पत्रकारिता हो रही है, भ्रामक है। वास्तव में, ऐसा करने से उस व्यक्ति को अनावश्यक रूप से बढ़ावा मिलता है और उसकी विचारधारा का प्रसार होता है। मीडिया को यह समझना होगा कि खबर देना और सनसनी फैलाना दो अलग चीजें हैं। सार्वजनिक हित में, मीडिया को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए और उग्रवादी विचारों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। इस तरह के कवरेज से समाज में ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है।