कुआलालंपुर में अजीमाह अब्दुल रहीम अपनी विशेष बच्ची को छाती से बांधकर भोजन पहुँचाने का काम कर रही हैं। उनका कहना है कि उनके पास कोई और विकल्प नहीं है। यह उनकी मजबूरी की कहानी है, क्योंकि उन्हें अपनी बेटी की देखभाल करते हुए जीवन यापन के लिए यह काम करना पड़ रहा है। अजीमाह ट्रैफिक में भी अपनी बेटी को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश करती हैं। यह घटना माँ के अटूट प्रेम और संघर्ष की मिसाल है। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने उनकी हिम्मत की सराहना की है और मदद की पेशकश की है। यह मामला देश में एकल माताओं और विशेष बच्चों की देखभाल से जुड़ी चुनौतियों पर भी प्रकाश डालता है।