मलेशिया, मानवाधिकार समूहों की आलोचना के बावजूद, रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पहले चरण में लगभग 1,500 शरणार्थियों को वापस भेजा जाएगा। यह कदम उनकी सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच उठाया गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उनका कहना है कि इससे शरणार्थियों के जीवन खतरे में पड़ सकते हैं। मलेशियाई सरकार का कहना है कि यह निर्णय उनकी अपनी नीतियों के अनुरूप है। वापसी की यह प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बन सकती है। शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर अभी भी स्पष्टता नहीं है।

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