शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव Thackeray के गुट ने पार्टी में विभाजन की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर बागी विधायकों को मान्यता न देने का अनुरोध किया है। उनका तर्क है कि किसी भी राजनीतिक दल के चिह्न पर चुने गए विधायक उसी दल से अपनी वैधता प्राप्त करते हैं। शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि अलग संसदीय समूह बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। यह कदम बागी विधायकों द्वारा पार्टी से अलग होने और अपना समूह बनाने के प्रयासों के बीच आया है। इस मामले में स्पीकर का निर्णय महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे पार्टी की भविष्य की दिशा तय होगी। वर्तमान स्थिति में, शिवसेना (यूबीटी) अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है।