हाल ही में लागू हुए दो-स्तरीय स्थानीय प्रशासन मॉडल के तहत, स्थानीय परिषदों (xã) को अधिकांश कार्यों को सीधे हल करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिषदों को दी गई ज़िम्मेदारियों के अनुपात में पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस नई व्यवस्था में, स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान त्वरित और प्रभावी होने की उम्मीद थी। हालांकि, अधिकारों और संसाधनों की कमी के कारण परिषदों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को सशक्त बनाने के लिए अधिकारों का विकेंद्रीकरण और वित्तीय सहायता बढ़ाना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्थानीय परिषदों के पास अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध हों। अन्यथा, नई व्यवस्था का अपेक्षित लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा।