लेबनान की संसद ने 12 अगस्त 2026 को कई वर्षों की तीव्र राजनीतिक बहस के बाद एक सामान्य माफी कानून पारित किया। यह कानून दशकों से चले आ रहे संघर्षों को शांत करने का प्रयास है। इस कानून से उन दर्जनों कैदियों को रिहा किया जा सकता है जिन पर आतंकवाद का आरोप है, जिनमें लेबनानी और सीरियाई इस्लामी कार्यकर्ता शामिल हैं। हालांकि कानून पारित हो गया है, लेकिन राजनीतिक ध्रुवीकरण बना हुआ है; फ्री पैट्रियटिक मूवमेंट के ईसाई सांसदों और हिजबुल्लाह ने वोटिंग का बहिष्कार किया। इस फैसले से देश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कुछ गुटों का मानना ​​है कि यह आतंकवादियों को छूट देने जैसा है। इस कानून के समर्थकों का तर्क है कि यह राष्ट्रीय सुलह के लिए एक आवश्यक कदम है। यह देखना बाकी है कि यह कानून लेबनान की जटिल राजनीतिक स्थिति को कैसे प्रभावित करेगा।