बार्सिलोना के बर्गा निवासी, डेलफ़ी विलासेका ने 46 वर्ष की आयु में अपना पहला मैराथन दौड़ा और अब तक 34 मैराथन पूरी कर चुके हैं। उन्होंने अपने इस अनुभव को एक पुस्तक में संकलित किया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य, प्रयास और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना है। विलासेका का मानना है कि किसी भी उम्र में कुछ भी शुरू किया जा सकता है। उनका कहना है कि स्वस्थ रहने का मतलब चीजों से परहेज करना या जीवन से बचना नहीं है, बल्कि संतुलन खोजना है। यह पुस्तक एक प्रेरणादायक कहानी है जो लोगों को अपनी सीमाओं को पार करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। विलासेका की सफलता दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण से कुछ भी संभव है। उन्होंने इस पुस्तक से होने वाले लाभ को सामाजिक कार्यों में दान करने का निर्णय लिया है।

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