1956 में पारित डेफ़ेरे कानून, फ्रांस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, विशेष रूप से इंडोचीन युद्ध में हार और अल्जीरिया में जारी संघर्ष के बीच। यह कानून सब-सहारा अफ्रीका में फ्रांसीसी उपनिवेशों को स्वतंत्रता देने की तैयारी करता है। फ्रांस का उद्देश्य, स्वतंत्रता प्रदान करने के बाद भी, नए शासकों के साथ विशेष संबंध बनाए रखना था। यह कानून फ्रांसीसी साम्राज्य को बचाने के एक प्रयास के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसने उपनिवेशों को स्वतंत्रता की दिशा में धकेल दिया। यह कानून उपनिवेशों में राजनीतिक सुधारों और स्वशासन की शुरुआत का प्रतीक था। इस कानून के माध्यम से, फ्रांस ने अपनी औपनिवेशिक नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया। यह परिवर्तन, युद्ध और राजनीतिक दबावों के कारण हुआ था।