लाहौर में, एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने 9 मई की हिंसा से जुड़े जिन्ना हाउस हमले के मामले में पीटीआई नेता हम्माद अज़हर की शारीरिक हिरासत को 12 दिनों के लिए बढ़ा दिया। सरवर रोड पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन्ना हाउस पर हमले और बर्बरता के आरोप में कई पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुक किया था। जांच अधिकारी ने संदिग्ध पर पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए शारीरिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, यह आरोप लगाते हुए कि हम्माद हमलावरों में शामिल था। बचाव वकील ने तर्क दिया कि जांच अधिकारी ने अपने ग्राहक से बरामद सबूतों पर अपना रुख बदल लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पहले लाठी और अन्य वस्तुओं की बरामदगी का दावा कर रही थी, लेकिन अब कह रही है कि वस्तुओं को अभी तक बरामद नहीं किया गया है। अदालत में, हम्माद अज़हर ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई के लिए आतंकवाद विरोधी कानूनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और अदालत की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने पुलिस पर अपने बयान बदलने का भी आरोप लगाया।