राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने किर्गिस्तान में विदेशी श्रमिकों की बढ़ती संख्या को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। देश में बाहरी मजदूरों की मौजूदगी पर काफी आलोचना की जा रही थी। राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने उन आलोचनाओं का सामना किया जो विदेशी कार्यबल की वृद्धि से जुड़ी थीं। यह मामला देश के श्रम बाजार और सामाजिक संतुलन से संबंधित है। राष्ट्रपति का यह बयान सार्वजनिक चर्चा के बीच आया है। उन्होंने इस विषय पर सरकार के दृष्टिकोण को साझा किया।