कज़ाकिस्तान की संसद, 'झोगोर्कु केनेशे', एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली विकसित कर रही है, जिसे 'न्यूरो-वकील' कहा जा रहा है। इस प्रणाली का उद्देश्य प्रस्तावित कानूनों का विश्लेषण करना और मौजूदा कानूनों के साथ संभावित विरोधाभासों की पहचान करना है। झोगोर्कु केनेशे के अध्यक्ष, मार्लेन मामातालियेव ने '24.kg' को दिए साक्षात्कार में यह जानकारी दी। यह प्रणाली कानूनी मसौदों की समीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और कानूनों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगी। 'न्यूरो-वकील' का विकास कानूनी विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी के संयोजन का एक उदाहरण है। उम्मीद है कि यह प्रणाली कानून निर्माताओं को अधिक सटीक और सुसंगत कानून बनाने में सहायता करेगी। यह पहल कज़ाकिस्तान में कानूनी प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
