इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बार्ज़ानी ने 2026 फीफा विश्व कप में इराक़ का प्रतिनिधित्व करने वाले कुर्द फुटबॉल खिलाड़ियों के बारे में अपनी खुशी व्यक्त की थी। उनके इस बयान पर इराक़ में आलोचना हो रही है, क्योंकि इसे राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि बार्ज़ानी ने खिलाड़ियों की राष्ट्रीय पहचान से ज़्यादा उनकी कुर्द पहचान पर ज़ोर दिया। इस बयान ने इराक़ में पहले से मौजूद जातीय तनाव को और बढ़ा दिया है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बार्ज़ानी का बयान कुर्दिस्तान क्षेत्र की स्वायत्तता की मांग से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, इस मामले पर इराक़ सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना इराक़ में खेल और राजनीति के बीच जटिल संबंधों को दर्शाती है।