लिस्बन में चल रहे एक मामले में गवाह पेड्रो नोरोन्हा ने अपने पहले दिए बयान से पलटते हुए स्वीकार किया कि उन्हें कुछ याद नहीं है। अदालत में उन्होंने कहा कि उनकी याददाश्त में चूक हुई। इस बदलाव के बाद, न्यायाधीश ने संकेत दिया कि मामले में किसी ने गलत जानकारी दी है या झूठ बोला है। यह मामला एक चोरी हुए चेक से जुड़ा है, और गवाह के बदले बयान से जांच में नए मोड़ आ सकते हैं। अदालत अब इस बात की जांच कर सकती है कि गवाह के बयान में बदलाव क्यों आया और इसका संबंध चेक के गंतव्य से कैसे है। इस घटनाक्रम से मामले की जटिलता बढ़ गई है और आगे की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस बदलाव का अंतिम परिणाम क्या होगा।