केन्या में दो साल पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों के पीड़ितों ने सरकार द्वारा दिए जा रहे मुआवज़े को मात्र दिखावा बताया है। जून और जुलाई 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों में 62 लोगों की मौत हुई थी, और अगले वर्ष की वर्षगांठ पर हुए प्रदर्शनों में 65 और लोगों ने जान गंवाई। स्वतंत्र पुलिस निगरानी प्राधिकरण (IPOA) के अनुसार, ज़्यादातर लोगों की मौत पुलिस और सुरक्षा बलों की गोलीबारी से हुई थी। राष्ट्रपति विलियम रुटो ने हाल ही में 2 बिलियन शिलिंग का मुआवज़ा पैकेज घोषित किया है, लेकिन पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि यह न्याय नहीं है। पीड़ितों का आरोप है कि सरकार मौतों की ज़िम्मेदारी लेने से बच रही है और मुआवज़े के ज़रिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। मुआवज़ा पैनल ने 348 लोगों को भुगतान शुरू कर दिया है, जिसमें मृतकों के परिवारों को 3 मिलियन शिलिंग दिए गए हैं, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और उन्हें न्याय चाहिए।