मैसाचुसेट्स, संयुक्त राज्य अमेरिका में लिंडसे क्लैंसी मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। जूरी के तीन सदस्यों ने खुलासा किया है कि चालीस घंटे की लंबी विचार-विमर्श के बाद, पैनल के एक सदस्य ने क्लैंसी को मानसिक बीमारी के कारण निर्दोष घोषित करने में असहमति जताई। इस असहमति के कारण मुकदमे को रद्द करना पड़ा। जूरी सदस्यों का कहना है कि यह एक भावनात्मक रूप से थकाऊ अनुभव था, जिसमें गहरे मतभेद थे। क्लैंसी पर अपने बच्चों की हत्या का आरोप था और बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि वह प्रसवोत्तर डिप्रेशन से पीड़ित थी जिसके कारण उसने ऐसा किया। जूरी के सदस्य इस बात पर सहमत थे कि क्लैंसी मानसिक रूप से बीमार थी, लेकिन एक सदस्य ने उसे दोषी ठहराने का विरोध किया, जिससे निर्णय लेने में गतिरोध आ गया। इस मामले ने मानसिक स्वास्थ्य और आपराधिक न्याय प्रणाली के बीच जटिल संबंध पर भी प्रकाश डाला है।